

दुमका: राज्य के सरकारी स्कूलों में बच्चों को कंप्यूटर की शिक्षा देने वाले शिक्षक 8000 मानदेय पर काम कर रहे हैं जबकि मनरेगा मजदूरों की बात की जाए तो ₹300 दैनिक मजदूरी के साथ मासिक ₹9000 हो जाते हैं। झारखंड राज्य की यह विडंबना है की एमसीए, बीसीए,बीएससीआईटी, एमएससीआईटी,बीटेक व एमटेक जैसे डिग्रीधारी मात्र 8000 की मासिक मानदेय पर काम करने को मजबूर हैं। किसी भी प्रकार के उत्पादों की कीमत हर दिन बढ़ती रहती है, लेकिन दुर्भाग्य है आईसीटी शिक्षकों का कि पिछले 2017 से कार्यरत शिक्षक आज भी 8 हजार के मासिक वेतन पर ही काम कर रहे है। झारखंड आईसीटी स्कूल कोऑर्डिनेटर वेलफेयर एसोसिएशन अपनी मांगों को लेकर मजबूरन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा चुके हैं। मजबूरी इसलिए क्योंकि ना तो जिला शिक्षा विभाग इनकी मदद कर रहा है ना ही कंपनी और ना ही जेइपीसी।संघ ने बताया कि इंस्ट्रक्टर को एक सम्मानजनक वेतन लगभग 24 हजार हो जानी चाहिए। साथ ही 60 वर्ष तक शिक्षकों को नौकरी पर रखा जाए।महिलाओं को विशेष अवकाश एवं मातृत्व अवकाश प्रदान किया जाए।













